Standard Cold Pressed Oil

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खाने के तेल के स्मोक पॉइंट और कुकिंग पर उसके प्रभाव को समझाता इन्फोग्राफिक

खाने के तेल का स्मोक पॉइंट: जो आपको बताया जाता है वो आधा सच है

रिफाइंड तेल बेचने वाले अक्सर एक ही तर्क देते हैं: ‘हमारे तेल का स्मोक पॉइंट ज़्यादा है, इसलिए तलने के लिए बेहतर है।’ यह बात सुनने में logical लगती है। लेकिन इसमें एक बड़ा अधूरापन है। स्मोक पॉइंट एक real measurement है, लेकिन यह cooking quality का complete indicator नहीं है। और जब आप पूरा […]

खाने के तेल के लेबल पर लिखी जानकारी जैसे Ingredients, Nutrition Facts और Fssai विवरण को समझाने वाला गाइड

खाने के तेल का लेबल पढ़ना सीखें: हर शब्द का असली मतलब

दुकान में तीन बोतलें हैं। तीनों पर लिखा है ‘शुद्ध’, ‘प्राकृतिक’, ‘स्वास्थ्यवर्धक’। तीनों की कीमत अलग-अलग है। और तीनों ब्रांड के दावे एक जैसे लगते हैं। आप कौन-सी खरीदेंगे? अगर आपको लेबल पढ़ना आता हो, तो यह सवाल मुश्किल नहीं रहता। लेकिन भारत में खाने के तेल के लेबल पर लिखी बहुत-सी बातें या तो […]

लकड़ी के कोल्हू और मशीन प्रेस तेल की तुलना दिखाता इन्फोग्राफिक

लकड़ी का कोल्हू और मशीन प्रेस्ड तेल: क्या सच में फर्क पड़ता है?

जब आप किसी तेल की दुकान पर जाते हैं या ऑनलाइन देखते हैं, तो कई तरह के दावे दिखते हैं, ‘कोल्ड प्रेस्ड’, ‘वुड प्रेस्ड’, ‘कच्ची घाणी’, ‘एक्सपेलर प्रेस्ड’। ये सब एक जैसे लगते हैं, लेकिन हैं नहीं। इनमें सबसे पुराना और सबसे भरोसेमंद है, लकड़ी का कोल्हू। इसे कहीं ‘घाणी’ कहते हैं, कहीं ‘चेक्कू’, कहीं […]

कोल्ड प्रेस्ड तेल बनाम रिफाइंड तेल

कोल्ड प्रेस्ड तेल और रिफाइंड तेल: एक के बाद एक हर कदम पर क्या होता है?

अगर आप दो बोतलें सामने रखें, एक में कोल्ड प्रेस्ड मूंगफली तेल, दूसरी में रिफाइंड मूंगफली तेल, और किसी को बताएं नहीं कि कौन-सी कौन-सी है, तो वो खुद बता देगा। एक का रंग गहरा सुनहरा है, दूसरी लगभग पानी जैसी पारदर्शी है। एक को सूँघने पर मूंगफली की महक आती है, दूसरी में कोई […]

कोल्ड प्रेस्ड तेल की विशेषताएँ

कोल्ड प्रेस्ड तेल क्या होता है? सबसे सरल जवाब

आपकी दादी या नानी के घर में एक बड़ा-सा लकड़ी का कोल्हू होता था। या फिर पास के बाज़ार में एक कोल्हू वाला था, जहाँ से घर का तेल आता था। वो तेल जो डिब्बे में भरा जाता था, उसकी महक ही अलग होती थी। मूंगफली का तेल होता था तो उसमें मूंगफली की खुशबू […]

कच्ची घाणी सरसों तेल, कोल्ड प्रेस्ड ऑयल, प्राकृतिक और शुद्ध तेल

कच्ची घाणी तेल: दादी की रसोई का वो राज़ जो विज्ञान भी मानता है

बिहार में एक कहावत है: ‘घाणी का तेल, घर का खेल।’ मतलब, जो तेल घर के पास के घाणी पर निकला हो, वही असली खाना पकाने का तेल है। पंजाब में सरसों की फसल कटने के बाद गाँव की घाणी पर लंबी लाइन लगती थी। राजस्थान में मूंगफली की घाणी से निकला तेल सीधे मिट्टी […]

भारतीय राज्यों और व्यंजनों के अनुसार सही कुकिंग ऑयल चुनने की गाइड

भारतीय खाने के लिए कौन-सा तेल? राज्यवार, व्यंजनवार सच्चा जवाब

अगर आप किसी बंगाली घर में जाएं और कहें कि माछेर झोल बनाने के लिए रिफाइंड सनफ्लावर तेल काफी है, तो आप पर एक अजीब-सी निगाह पड़ेगी। वही अनुभव आपको मिलेगा अगर आप किसी केरल के घर में कहें कि नारियल तेल की जगह मूंगफली तेल से अवियल बनाया जाए। भारतीय खाना एक नहीं है। […]

Up Mp Dal Sabzi Sarson Tel Moongfali Tel

UP और MP की दाल-सब्ज़ी में कौन-सा तेल इस्तेमाल होता है? क्षेत्र के हिसाब से समझें

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की दाल-सब्ज़ी को किसी एक तेल से समझना आसान नहीं है। दोनों बड़े राज्य हैं और इनके अलग-अलग हिस्सों की अपनी खाद्य परंपराएँ हैं। उत्तर प्रदेश में सरसों तेल की परंपरा बहुत मजबूत है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी हिस्सों तक सरसों तेल का इस्तेमाल घरेलू भोजन में लंबे […]

बंगाल और मिथिला की पारंपरिक सरसों तेल वाली मछली, जिसमें सुनहरी मछली के टुकड़े सरसों के तेल की करी, हरी मिर्च और सरसों के दानों के साथ परोसे गए हैं।

सरसों तेल और मछली: बंगाल और मिथिला के स्वाद की पुरानी जोड़ी

संक्षिप्त उत्तर बंगाल और मिथिला में मछली को सरसों के तेल में पकाने की परंपरा बहुत पुरानी है। यहाँ सरसों का तेल केवल खाना पकाने का माध्यम नहीं है, बल्कि पकवान के स्वाद और खुशबू का एक अहम हिस्सा है। माछेर झोल हो, सरसों वाली इलिश या मिथिला की पारंपरिक मछली—सरसों का तेल इन व्यंजनों […]

एक कटोरे में रखे देसी गुड़ के टुकड़े, पीछे गन्ने के डंठल और हरे पत्तों के साथ देसी गुड़ के पारंपरिक उपयोग, फायदे और आयुर्वेदिक महत्व को दर्शाता हुआ बैनर.

देसी गुड़ खाने के उपयोग, फायदे और नुकसान: आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से पूरी जानकारी

देसी गुड़ भारतीय खान-पान की पारंपरिक मिठास है, जिसका उपयोग सदियों से अलग-अलग क्षेत्रों में भोजन, पेय और मिठाइयों में किया जाता रहा है। गुड़ केवल गन्ने से ही नहीं बनता; भारत में गन्ने और ताड़ जैसे विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों से तैयार होने वाली पारंपरिक मिठास के कई रूप मिलते हैं। गुड़ को रोटी, चना, […]

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